पुलिस की कार्रवाई ठंडी पड़ी, फिर बिना हेलमेट दौड़ने लगे वाहन हेलमेट की अनदेखी से बढ़ रहा मौत का खतरा, अभियान थमते ही लौट आई लापरवाही

उज्जैन। शहर में हेलमेट को लेकर पुलिस की सख्ती कम होते ही दोपहिया वाहन चालकों की लापरवाही फिर से सड़कों पर साफ दिखाई देने लगी है। बड़ी संख्या में बाइक सवार बिना हेलमेट के वाहन चला रहे हैं, जबकि सड़क हादसों में सबसे अधिक मौतें सिर में गंभीर चोट लगने के कारण होती हैं। लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बावजूद वाहन चालक सबक लेने को तैयार नहीं हैं। हाल ही में आगर रोड स्थित कृषि उपज मंडी  में हुई दुर्घटनाम में बाइक सवार की मौत हो गई। लोगों का मानना है कि यदि उसने हेलमेट पहन रखा होता तो उसकी जान बच सकती थी। इसके अलावा भी शहर में कई हादसों में हेलमेट नहीं पहनने की वजह से लोगों की जान जा चुकी है।
अभियान के दौरान दिखा था असर
पूर्व पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने शहर में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया था। इस दौरान पुलिस ने जगह-जगह चेकिंग कर कार्रवाई की थी। कई वाहनों को जब्त किया गया था और उन्हें कोर्ट से ही छुड़ाना पड़ा था। इस सख्ती का असर यह हुआ कि लोगों में भय का माहौल बन गया था और अधिकांश दोपहिया चालक हेलमेट पहनकर ही घर से निकल रहे थे। कुछ समय तक अभियान लगातार चला, लेकिन बाद में कार्रवाई धीमी पड़ गई।
कार्रवाई थमते ही लौट आई पुरानी आदत
पुलिस की सख्ती कम होते ही अब फिर से बड़ी संख्या में लोग बिना हेलमेट के वाहन चलाने लगे हैं। शहर की मुख्य सड़कों, बाजारों, बायपास और फोरलेन पर भी बिना हेलमेट बाइक चलाने वाले आसानी से देखे जा सकते हैं। इसी तरह चारपहिया वाहन चालकों में भी सीट बेल्ट लगाने की आदत अब तक विकसित नहीं हो सकी है।
अधिकतर बाइक चालक बिना हेलमेट दौड़ा रहे वाहन
शहर के अधिकांश क्षेत्रों में दोपहिया वाहन चालक बिना हेलमेट के ही सफर करते नजर आते हैं। कई लोग तो पीछे बैठने वाले को भी हेलमेट नहीं पहनाते। वहीं कार चालकों में भी सीट बेल्ट लगाने को लेकर गंभीरता का अभाव दिखाई देता है।
हेड इंजरी बन रही मौत की सबसे बड़ी वजह
 चिकित्सकों के अनुसार सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली अधिकांश मौतें सिर में गंभीर चोट (हेड इंजरी) के कारण होती हैं। यदि दुर्घटना में सिर पर गहरी चोट लग जाए तो घायल को बचाना काफी कठिन हो जाता है। कई मामलों में अंदरूनी रक्तस्राव या ब्लॉकेज के कारण स्थिति और गंभीर हो जाती है। वहीं हेलमेट पहनने से सिर की गंभीर चोट की आशंका काफी हद तक कम हो जाती है और जान बचने की संभावना बढ़ जाती है।
फिर से सख्त अभियान की जरूरत
 सड़क दुर्घटनाओं और हेलमेट के प्रति लापरवाही को देखते हुए पुलिस प्रशासन को एक बार फिर बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू करना चाहिए। नियमित चेकिंग और सख्त कार्रवाई से ही लोगों में जागरूकता बढ़ेगी और सड़क हादसों में होने वाली मौतों को कम किया जा सकेगा।
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